Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डकिसानों को उनके चयनित स्थानों पर ही क्रय केन्द्र उपलब्ध कराये जाएंगेः...

किसानों को उनके चयनित स्थानों पर ही क्रय केन्द्र उपलब्ध कराये जाएंगेः खाद्य मंत्री

देहरादून। प्रदेश की खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा भवन स्थित सभागार कक्ष में राज्य के सभी क्रय केन्द्रों में धान क्रय, मंडुआ क्रय की अद्यतन स्थिति लक्ष्यवार आवंटन, क्रय एवं भुगतान के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में धान क्रय को लेकर भारत सरकार द्वारा 08 लाख 30 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था जिसके सापेक्ष 06 लाख 39 हजार 259 मीट्रिक टन का धान क्रय किया गया है। उन्होंने कहा कि शेष लक्ष्य को 31 दिसम्बर 2023 तक पूर्ण करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि क्रय करने वाली ऐजेन्सियों को भी ससमय अपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए इसपर गम्भीरता से कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को धान विक्रय करने में किसी तरह की परेशानी न हो तथा किसानों को उनके द्वारा चयनित स्थानों पर ही क्रय केन्द्र उपलब्ध कराये जाएं।
मंत्री ने कहा कि धान क्रय करने वाली 06 संस्थाओं में खाद्य विभाग द्वारा 65 प्रतिशत, यूसीएफ द्वारा 87 प्रतिशत, एनसीसीएफ द्वारा 17 प्रतिशत, यूसीसीएफ द्वारा 57 प्रतिशत, यूपीसीयू द्वारा 79 प्रतिशत तथा कमीशन ऐजेन्ट (कच्चा आढ़ती) द्वारा 78 प्रतिशत का धान क्रय किया गया है, जोकि सम्पूर्ण लक्ष्य के लगभग 77 प्रतिशत है। मंत्री ने कहा कि एनसीसीएफ द्वारा दिये गये लक्ष्य को पूर्ण न कर पाने के कारण एनसीसीएफ के लक्ष्य को निरस्त कर अन्य ऐजेन्सियों में समायोजित करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने यूपीसीयू के माध्यम से क्रय किये जाने वाले धान के भुगतान में मिल रही शिकायतों के कारण अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए निर्देश दिये। मंत्री ने विभाग द्वारा किसानों को किये जाने वाले भुगतान की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों तथा क्रय केन्द्रों के शेष भुगतान के संबंध में रिपोर्ट तैयार की जाए जिससे किसानों को ससमय भुगतान किया जा सके। मंत्री ने बताया कि राज्य में मंडुआ क्रय के लिए खाद्य विभाग द्वारा यूसीसीएफ को नामित किया गया है जिसके द्वारा लगभग 16 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 1313 कुन्तल मंडुआ क्रय किया गया है तथा किसानों को इसके सापेक्ष पूर्ण भुगतान भी किया जा चुका है। खाद्य मंत्री ने बायोमैट्रिक व्यवस्था को और दुरूस्त करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इससे संबंधित टैण्डर प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। उन्होंने राशन डीलरों के शेष दो माह के भुगतान को भी जल्द से जल्द पूर्ण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने 72 घण्टे में किये जाने वाले भुगतान की पॉलिसी को अमल में लाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर सचिव, खाद्य, एल. फनई, अपर सचिव, खाद्य, रूचि मोहन रयाल, अपर आयुक्त, खाद्य, पी.एस. पांगती, संयुक्त आयुक्त, खाद्य, महेन्द्र सिंह बिसेन तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments