Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Thursday, April 23, 2026
Homeउत्तराखण्डन्याय प्रणाली को और अधिक सरल व सुगम बनाने को लेकर उत्तराखण्ड...

न्याय प्रणाली को और अधिक सरल व सुगम बनाने को लेकर उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने किया ई.सेवा केन्द्र का शुभारंभ

किस प्रकार से मिलेगी मदद

ई.न्यायालय परियोजना के तहत डिजिटल रूप से उपलब्ध सुविधाओं के सम्बन्ध में पूछताछ एवं सहायता, जजो के अवकाश की सूचना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों, उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समिति से निःशुल्क कानूनी सेवाओं का लाभ उठाने के बारे में लोगो का मार्ग.दर्शन भी इसके द्वारा किया जायेगा। जस्टिस एप की जानकारी मुहैया कराने के साथ ही एप डाउनलोड करने में भी सहायता प्रदान की जायेगी।

नैनीताल: उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा न्याय प्रणाली को और अधिक सरल व सुगम बनाने की दिशा में लगातार आगे कदम बढ़ाते हुए उच्च न्यायालय परिसर में ई.सेवा केन्द्र की स्थापना की गयी है। जिसका शुभारंभ गुरूवार को मुख्य न्यायमूर्ति आरएस चौहान द्वारा फीता काट कर किया गया। ई.सेवा केन्द्र के तहत न्याय प्रणाली में वादियों एवं प्रतिवादियों को आसानी से जानकारी मिल सकेगी। वहीं उन्हें जानकारी के अभाव में होने वाली दिक्कतों से बचाया जा सकेगा। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान की पहल पर न्यायालय परिसर में ई.सेवा केन्द्र की स्थापना की गयी है।

इस मौके पर रजिस्ट्रार जनरल धनन्जय चतुर्वेदी ने बताया कि ई.सेवा केन्द्र उत्तराखण्ड राज्य का पहला सेवा केन्द्र है। इसके बाद अल्मोड़ा में शीघ्र ही ई.सेवा केन्द्र खोला जायेगा। इसकी महत्ता को देखते हुए भविष्य में सभी जनपदों के जिला न्यायालयों में ई.सेवा केन्द्रों की स्थापना की जायेगी।

उन्होंने बताया कि स्थापित ई.सेवा केन्द्र में वादो की अद्यतन स्थिति तथा सुनवाई तिथि के साथ ही सुनवाई हेतु निर्धारित कोर्ट की भी जानकारी उपलब्ध होगी।

बताया कि ई.न्यायालय परियोजना के तहत डिजिटल रूप से उपलब्ध सुविधाओं के सम्बन्ध में पूछताछ एवं सहायता, जजो के अवकाश की सूचना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों, उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समिति से निःशुल्क कानूनी सेवाओं का लाभ उठाने के बारे में लोगो का मार्ग.दर्शन भी इसके द्वारा किया जायेगा। जस्टिस एप की जानकारी मुहैया कराने के साथ ही एप डाउनलोड करने में भी सहायता प्रदान की जायेगी।

इस अवसर पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा, न्यायमूर्ति एनएस धानिक, न्यायूर्ति आरसी खुल्बे, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैथानी, न्यायूर्ति आलोक कुमार वर्मा, रजिस्ट्रार कम्प्यूटर अम्बिका पन्त, एडवोकेट जनरल एसएन बाबुलकर, बार अध्यक्ष एएस रावत, सचिव विकास बहुगुणा सहित सभी रजिस्ट्रार व अधिवक्तागण उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments