Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डआचार संहिता उल्लंघन करने पर आप ने चुनाव आयोग से की शिकायत

आचार संहिता उल्लंघन करने पर आप ने चुनाव आयोग से की शिकायत

खटीमा: खटीमा आप पार्टी के खटीमा से प्रत्याशी एस एस कलेर ने आज सीएम पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ खटीमा विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर को एक ज्ञापन देते हुए खटीमा से बीजेपी प्रत्याशी पुष्कर सिंह धामी की उम्मीदवारी को निरस्त करने की मांग की है। एस एस कलेर ने कहा कि पुष्कर सिहं धामी ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए लोगों को पैसे बांटते हुए,जगह जगह साड़ी बांटते हुए जहां सरेआम प्रलोभन देने का काम किया तो साथ ही उन्होंने सत्ता का लाभ उठाते हुए पुलिस बल और अन्य सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों का इस्तेमाल अपने चुनाव प्रचार में किया।

एस एस कलेर ने जानकारी देते हुए बताया कि पुष्कर सिंह धामी सुबह 10 बजे से ना केवल खुलेआम प्रचार कर रहे थे बल्कि प्रशासन का व्यक्तिगत फायदा उठाकर गलत इस्तेमाल भी किया। जिसका पूरा वीडियो शिकायत पत्र के साथ उन्होंने चुनाव आयोग को दिया। उन्होंने कहा कि जब उनको ऐसा करते हुए रोकने की कोशिश की गई तो पुष्कर सिंह धामी द्वारा उन्हें जेल भेजने की धमकी भी दी गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन का ऐसा गलत इस्तेमाल करना सत्ता का गलत उपयोग होने के साथ ही शर्मनाक भी है। सत्ता में रहने के लिए बीजेपी किसी भी हद को पार करने को तैयार है जिसका आप पार्टी पूरी तरह विरोध करती है और उनकी उम्मीदवारी समाप्त करने के साथ ही उनपर जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग करती है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments