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Thursday, July 23, 2026
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टेक्नोलौजी के प्रयोग बिना कमियां दूर नहीं हो सकती:शिक्षा मंत्री

देहरादून: शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा की ओर से विकसित ‘दक्ष’ डैशबोर्ड का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होने कहा कि गुणवत्तपूर्ण शिक्षा के लिए तकनीकि का प्रयोग आवश्यक है और डैश बोर्ड इस दिशा में उठाया गया एक सार्थक कदम है। उन्होंने कहा कि डैस बोर्ड के माध्यम से किए जाने वाले प्रयास इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि आज का समय टेक्नोलाॅजी का समय है। जब तक हम अपने विभागों में टेक्नोलौजी का प्रयोग नहीं करेंगे तब तक हम विभाग की कमियों को दूर नहीं कर सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि डैश बोर्ड में समुदाय को जोड़ा जाय। उन्होंने दक्ष डैशबोर्ड विकसित करने को लेकर विभागीय अधिकारियों और कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के टेक्नोलोजी से जुड़े कार्यक्रमों को शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ावा दिये जाने की आवश्यकता है।

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने कहा कि दक्ष डैशबोर्ड मासिक परीक्षा के आधार पर छात्र प्रगति को केन्द्र में रखकर विभिन्न पहलुओं के दृष्टिगत परिणामों का विश्लेषण करता है। यह शिक्षकों तथा विभागीय अधिकारियों की पठन-पाठन हेतु छात्र/छात्राओं की प्रगति के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण राकेश कुँवर ने कहा कि यह अभिनव प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आगे भी इस तरह के अभिनव प्रयोग किये जाते रहेंगे।

इस अवसर पर इस डैसबोर्ड के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले डाॅ अंकित जोशी ने पाॅवर प्वाॅइंण्ट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से इस डैशबोर्ड की बारीकीयों से परिचित कराया। उन्होंने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि यह साॅफ्टवेयर जहाँ एक ओर विद्यार्थियों और शिक्षकों की मासिक परीक्षा के परिणामों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन करता है वहीं यह विकासखण्ड तथा जिला स्तर के अधिकारियों की प्रगति का आकलन करने में भी सक्षम है। डाॅ. अंकित जोशी ने बताया कि यह साॅफ्टवेयर आगे और विकसित किया जा रहा है। अगले चरण में इसके माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षिक प्रगति का विषयवार आकलन किया जा सकेगा।

इस अवसर पर एम.आई.एस. के मुकेश बहुगुणा ने विद्यालयी शिक्षा पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी।

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