Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डसीएम धामी ने इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ प्रिंसिपल एंड टीचर कार्यक्रम में किया...

सीएम धामी ने इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ प्रिंसिपल एंड टीचर कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेस्टल वीड स्कूल में प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोशिएशन द्वारा आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ प्रिंसिपल एंड टीचर्स कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की समाज के निर्माण में अहम भूमिका होती है। माता-पिता के बाद शिक्षकों पर बच्चों के भविष्य को बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। शिक्षक युग दृष्टा ऋषियों के समान हैं, जो समाज को प्रबुद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिरीक्षण द्वारा स्वयं को जानने और समझने योग्य बनाना रहा है। विद्यार्थी के लिए आत्म साक्षात्कार अत्यंत आवश्यक है। तभी प्रतिभा का सदुपयोग हो सकता है।

उन्होंने कहा कि पीपीएसए द्वारा शिक्षार्थियों की प्रतिभा को उभारने के लिए सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। पी.पी.एस.ए. प्रौद्योगिकी, कौशल और स्कूली पाठ्यक्रम पर खुली और रचनात्मक चर्चा द्वारा विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान कर रहा है। पीपीएसए द्वारा प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए पब्लिक स्कूलों और सरकारी स्कूलों के मध्य सहयोग बढ़ाने में भी सरकार को समय समय पर अपना सहयोग प्रदान किया गया है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का राज्य में सही तरीके से क्रियान्वयन हो इस उद्दश्य से दो दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विशेषज्ञों द्वारा प्रधानाचार्यों व अध्यापकों को नई शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। उत्तराखण्ड में बाल वाटिकाओं से राष्ट्रीय शिक्षा नीति का शुभारंभ किया गया। उच्च शिक्षा में भी राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जा चुकी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शैक्षिक गतिविधियों के लिए प्रदेश के सभी अध्यापकों को डायट के माध्यम से प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। अभी तक 27 हजार से अधिक अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया चुका है।

इस अवसर पर पीपीएसए के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप, दून इंण्टनेशनल स्कूल के चैयरमैन डी.एस. मान, लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि) जयवीर सिंह नेगी, मेजर जनरल(से.नि) शम्मी सभरवाल, रीजनल ऑफिसर सीबीएसई डॉ. रणवीर सिंह, राकेश ओबेराय व विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य एवं अध्यापक उपस्थित रहें।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments