Latest news
श्रमिकों के हित सर्वोपरि, टीएचडीसी टनल हादसे की समीक्षा में आयुक्त ने दिए निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर एसआईआर पर की समीक्षा स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध वीरों को किया नमन मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने की अहम बैठक एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ अतिक्रमण, अवैध फैक्ट्री और आपदा कार्यों में अनियमितता पर डीएम सख्त, अधिकारियों को दिए जांच के निर्दे... जल जीवन मिशन के ठेकेदारों का ढाई वर्षों से लंबित देयकों का भुगतान शीघ्र किए जाएः अग्रवाल उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी युवा आयोग की स्थापना से साकार होगी समृद्ध उत्तराखंड की संकल्पनाः भट्ट राष्ट्रीय राजमार्ग का बडा हिस्सा धंसने से ट्रक फंसा

[t4b-ticker]

Friday, August 21, 2026
Homeउत्तराखण्डराज्यपाल ने राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक ली

राज्यपाल ने राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक ली

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को राजभवन में राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक ली। बैठक में सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति और शासन के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में ‘‘वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च’’ पर सभी कुलपतियों द्वारा किए जा रहे शोध विषयों पर अपने-अपने प्रस्तुतीकरण दिये। गौरतलब है कि पूर्व में राज्यपाल द्वारा सभी विश्वविद्यालय को राज्य हित में योगदान हेतु एक वर्ष तक अपने गहन शोध के माध्यम से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे जो राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। विश्वविद्यालयों द्वारा अपनी विशेषज्ञता के अनुसार अपने शोध के विषय चयन किया गया है इस संबंध में सभी कुलपतियों द्वारा वर्तमान तक की प्रगति का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया गया।
शोध हेतु विषयों में दून विश्वविद्यालय द्वारा उत्तराखंड में महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय द्वारा प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक संदर्भ में जोड़ना, संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा संस्कृति और भारतीय ज्ञान प्रणाली की पुर्नस्थापनाः उत्तराखंड के विशेष संदर्भ में, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय द्वारा उत्तराखंड में मधु (शहद) क्रांति की शुरूआत, एसएसजे विश्वविद्यालय द्वारा जीआईएस में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा एआई और टेक्नोलॉजी के उपयोग से राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा को मजबूत करना, उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय द्वारा भंगदर बीमारी के लिए क्षारसूत्र का प्रबंधन, चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय द्वारा जिला चिकित्सालयों में ट्रॉमा केयर प्रबंधन, मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा दिव्यांग और वंचितों को शिक्षा जागरूकता, औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा सेब, अखरोट और शहद के अधिक उत्पादन हेतु उन्नत प्रौद्योगिकियांे हेतु शोध का उपयोग एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा पारंपरिक खाद्य वनस्पतियों से बायोएक्टिव औषधीय हर्बल चाय से संबंधित शोध हेतु प्रगति और आगामी कार्ययोजना के बारे में बताया।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों के शोध एवं अनुसंधान का लाभ लोगों को मिले तभी इसकी सार्थकता होगी। राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों से जनवरी 2025 तक शोध कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा राज्यपाल ने कहा कि सभी कुलपतियों को कार्य करने स्वायत्तता प्रदान की गई है। कुलपति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए विश्वविद्यालयों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों की प्रत्येक क्रियाकलापों में टेक्नोलॉजी का अधिकाधिक उपयोग करने के निर्देश दिये।
इस बैठक में राज्यपाल ने कुलपतियों द्वारा विश्वविद्यालय में किए जा रहे नवाचारों और उपलब्धियों पर संतोष जताया। उन्होंने कुलपतियों को विश्वविद्यालयों की प्रत्येक चुनौती के समाधान के लिए आश्वस्त किया। बैठक में विश्वविद्यालयों द्वारा संस्थानों की संबद्धता, विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, सहित अन्य बिन्दुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव चंद्रेश कुमार यादव, सचिव विनोद कुमार, सचिव डॉ आर. राजेश कुमार, कुलपति उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय डॉ.ओ.पी.एस नेगी, कुलपति श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय प्रो. एन के. जोशी, कुलपति जी.बी.पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय डॉ. मनमोहन चैहान, कुलपति तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. ओंकार सिंह, कुलपति आयुर्वेद विश्वविद्यालय प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी, कुलपति उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री, कुलपति चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय प्रो. मदन लाल ब्रह्मभट्ट, कुलपति कुमाऊँ विश्वविद्यालय प्रो. दीवान सिंह रावत, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलपति औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय डॉ. परविंदर कौशल और कुलपति सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments